एक बार लगाएं अनार का बाग, लंबे समय तक होती है आय
KRISHAK JAGAT | National Agriculture Hindi Newspaper 07 अप्रैल 2026, भोपाल: एक बार लगाएं अनार का बाग, लंबे समय तक होती है आय – यदि किसान अनार की फसल करें तो निश्चित ही लंबे समय तक संबंधित किसानों को फायदा हो सकता है । दरअसल खास बात यह है The post एक बार लगाएं अनार का बाग, लंबे समय तक होती है आय appeared first on Krishak Jagat (कृषक जगत) .

भोपाल, 7 अप्रैल 2026: किसानों को लंबे समय तक नियमित आय अर्जित करने के लिए एक उन्नत विकल्प उभर गया है। यह विकल्प अनार की खेती है, जिसका एक पौधा 20 से 24 वर्षों तक उत्पादन देता है। इस फसल की खेती के लिए किसान एक बार बाग लगाने के बाद लंबे समय तक नियमित आय अर्जित कर सकते हैं।
भारत में पारंपरिक खेती से घटते मुनाफे और जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव के बीच किसान अब तेजी से बागवानी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। अनार की खेती इन्हें से अलग नहीं है, बल्कि यह एक मॉडल बनकर उभर गया है, जो कम लागत में अधिक मुनाफा देने की क्षमता रखती है। केंद्र और राज्य सरकारें भी किसानों को फलदार पौधों के बाग लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं, जिससे उनकी आय में स्थिरता और वृद्धि दोनों सुनिश्चित हो सके।
देश में अनार की खेती का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और गुजरात प्रमुख उत्पादक राज्य हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, अनार की खेती में शुरुआती निवेश अपेक्षाकृत कम होता है। लगभग एक लाख रुपये की लागत से किसान 8 से 10 लाख रुपये तक की कमाई कर सकता है। यह लाभ इस बात पर भी निर्भर करता है कि किसान किस तकनीक और प्रबंधन के साथ खेती कर रहा है। ड्रिप इरिगेशन (बूंद-बूंद सिंचाई), उन्नत किस्मों और उचित पोषण प्रबंधन से उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार होता है।
अनार के पौधे लगाने के लिए अगस्त तथा फरवरी-मार्च का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। यह फसल लगभग सभी प्रकार की मिट्टी में उगाई जा सकती है, लेकिन अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी सबसे बेहतर रहती है। पौधरोपण के बाद डेढ़ से दो साल में पौधे फल देना शुरू कर देते हैं और 3-4 साल में पूर्ण विकसित पेड़ बन जाते हैं।
अनार की खेती के लिए किसानों को नियमित आय अर्जित करने के लिए एक उन्नत विकल्प उभर गया है। यह विकल्प कम लागत में अधिक मुनाफा देने की क्षमता रखता है और केंद्र और राज्य सरकारें के प्रोत्साहन के साथ देश में अनार की खेती का दायरा बढ़ रहा है। किसानों को यह विकल्प स्थिर आय और वृद्धि के लिए उपयुक्त बना देगा।










