लाखों मछुआरों और मत्स्य किसानों की आय में सुधार हुआ
KRISHAK JAGAT | National Agriculture Hindi Newspaper 07 अप्रैल 2026, नई दिल्ली: लाखों मछुआरों और मत्स्य किसानों की आय में सुधार हुआ – भारत का मत्स्य पालन क्षेत्र अब केवल पारंपरिक आजीविका तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह खाद्य सुरक्षा, रोजगार, निर्यात आय और सतत विकास का एक प्रमुख The post लाखों मछुआरों और मत्स्य किसानों की आय में सुधार हुआ appeared first on Krishak Jagat (कृषक जगत) .

लाखों मछुआरों और मत्स्य किसानों की आय में सुधार हुआ
नई दिल्ली, 7 अप्रैल 2026: भारत का मत्स्य पालन क्षेत्र ने पारंपरिक आजीविका से व्यापक विकास की दिशा में परिवर्ति की है। लाखों मछुआरों और मत्स्य किसानों की आय में सुधार हुआ, जिसने यह क्षेत्र को खाद्य सुरक्षा, रोजगार, निर्यात आय, और सतत विकास का एक प्रमुख इंजन बनकर उभरा है। यह बदलाव केंद्र सरकार द्वारा 2015 के बाद किए गए रिकॉर्ड निवेश के अंतर्गत हो गया है। निवेश की मूल्य 39,272 करोड़ रुपये थी, जो इस क्षेत्र को नई गति दी गई है।
भारत में मत्स्य क्षेत्र सीधे तौर पर करीब 3 करोड़ मछुआरों और मत्स्य किसानों को रोजगार देता है। इन किसानों के रोजगार के साथ, वैल्यू चेन में इसका प्रभाव लगभग दोगुना है। पिछले कुछ वर्षों में मत्स्य उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। 2019-20 के दौरान उत्पादन 141.64 लाख टन था, जबकि 2024-25 के दौरान इसने 197.75 लाख टन बन गया। यह वृद्धि दर लगभग 7% प्रतिवर्ष हो गई है। यह बदलाव दर्शाता है कि पारंपरिक मत्स्य पालन अब व्यावसायिक और लाभकारी सेक्टर में परिवर्तित हो चुका है।
भारत से 350+ प्रकार के सीफूड उत्पाद लगभग 130 देशों में निर्यात किए जा रहे हैं। मुख्य निर्यात बाजार अमेरिका (36.42% हिस्सा), चीन, यूरोपीय संघ, दक्षिण-पूर्व एशिया, जापान, और मध्य पूर्व हैं। निर्यात में फ्रोजन श्रिंप की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है। इसके अलावा, फिश, स्क्विड, कटलफिश, और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी भी तेजी से बढ़ रही है।
यह विकास के बाद मत्स्य किसानों की आय में सुधार हुआ है। इन किसानों को नई अवसरों का समन्वय हो गया है, जिससे उन्हें अपनी आर्थिक स्थिति को प्रबंधित करने की कोशिश करने में मदद मिली है। यह सुधार भारत के कृषकों को अपनी आर्थिक स्थिति और सामाजिक स्थिति को प्रबंधित करने की संकेत दी है।
यह विकास भारत के मत्स्य पालन क्षेत्र को अपनी विश्वव्यापी प्रमुखता को प्रतीक करने में मदद कर रहा है। इसके अलावा, यह भारत को अपनी खाद्य सुरक्षा को प्रबंधित करने की संकेत दी है। मत्स्य पालन क्षेत्र के विकास के बाद, भारत ने अपनी अर्थतन्त्रिक स्थिति और सामाजिक स्थिति को प्रबंधित करने की संकेत दी है।
यह सुधार भारत के मत्स्य किसानों को अपनी आर्थिक स्थिति और सामाजिक स्थिति को प्रबंधित करने की संकेत दी है। इसके अलावा, यह भारत को अपनी खाद्य सुरक्षा को प्रबंधित करने की संकेत दी है। मत्स्य पालन क्षेत्र के विकास के बाद, भारत ने अपनी अर्थतन्त्रिक स्थिति और सामाजिक स्थिति को प्रबंधित करने की संकेत दी है।
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यह सुधार भारत के मत्स्य किसानों को अपनी आर्थिक स्थिति और सामाजिक स्थिति को प्रबंधित करने की संकेत दी है। इसके अलावा, यह भारत को अपनी खाद्य सुरक्षा को प्रबंधित करने की संकेत दी है। मत्स्य पालन क्षेत्र के विकास के बाद, भारत ने अपनी अर्थतन्त्रिक स्थिति और सामाजिक स्थिति को प्रबंधित करने की संकेत दी है।
यह विकास भारत के मत्स्य पालन क्षेत्र को अपनी विश्वव्य










